
Budget 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2026-27 की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे आर्थिक रणनीति और आर्थिक राजनयिकता की परीक्षा में फेल करार दिया। एक विस्तृत बयान में चिदंबरम ने कहा कि बजट भाषण ने आर्थिक सर्वे 2025-26 में उजागर प्रमुख चुनौतियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया और इसके बजाय नए स्कीम्स, अक्रॉनिम्स और घोषणाओं का ढेर लगा दिया, बिना किसी ठोस समाधान के।
आर्थिक सर्वे को खारिज करने का आरोप
चिदंबरम ने आश्चर्य जताया कि बजट भाषण में आर्थिक सर्वे की मुख्य चुनौतियों पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बजट स्पीच को अर्थव्यवस्था की मूल समस्याओं पर सुसंगत कथा देनी चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार और वित्त मंत्री ने सर्वे पढ़ा ही नहीं या जानबूझकर इसे फेंक दिया। उन्होंने कम से कम 10 प्रमुख चुनौतियां गिनाईं, जिनमें अमेरिकी पेनल टैरिफ से निर्यातकों पर दबाव, चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा, निजी निवेश में अनिच्छा, जीएफसीएफ 30% के आसपास रहना, एफडीआई में अनिश्चितता, एफपीआई आउटफ्लो, उच्च फिस्कल और रेवेन्यू डेफिसिट, आधिकारिक मुद्रास्फीति और घरेलू खर्च (शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन) में वास्तविक वृद्धि का अंतर, लाखों एमएसएमई का बंद होना, युवा बेरोजगारी और शहरी बुनियादी ढांचे का बिगड़ना शामिल हैं।


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